ISS आज रात कैसे देखें: समय, दिशा और आसान गाइड
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) को देखना सबसे आसान अंतरिक्ष अनुभवों में से एक है: न दूरबीन चाहिए, न कोई ख़ास उपकरण। बस सही समय और सही दिशा पता होनी चाहिए। यह गाइड बताती है कि ISS कब दिखता है, कैसा दिखता है, और भारत में उसे देखने के आसान तरीक़े क्या हैं।
ISS क्या है?
ISS पृथ्वी की निचली कक्षा में घूमती एक विशाल अंतरिक्ष प्रयोगशाला है, जिसमें अलग-अलग देशों के अंतरिक्ष यात्री रहते हैं। यह फ़ुटबॉल के मैदान जितना बड़ा है और आसमान में बहुत चमकीला दिखता है।
- ऊँचाई: पृथ्वी की सतह से लगभग 420 किलोमीटर ऊपर।
- रफ़्तार: करीब 27,600 किलोमीटर प्रति घंटा।
- एक चक्कर: लगभग 93 मिनट, यानी एक दिन में करीब 16 चक्कर।
इतनी तेज़ रफ़्तार की वजह से यह आसमान में कुछ ही मिनटों में एक सिरे से दूसरे सिरे तक पहुँच जाता है। विस्तार से जानने के लिए ISS के तथ्य (अंग्रेज़ी) देखें।
ISS कब दिखाई देता है?
ISS खुद नहीं चमकता। वह सूरज की रोशनी को परावर्तित करता है, जैसे चंद्रमा करता है। इसलिए वह तभी दिखता है जब दो बातें एक साथ हों:
- स्टेशन पर अभी धूप पड़ रही हो (वह पृथ्वी की छाया में न हो)।
- आपके यहाँ आसमान काफ़ी अँधेरा हो, यानी सूर्य क्षितिज से कम से कम 6° नीचे हो।
इन दोनों शर्तों के कारण ISS ज़्यादातर सूर्यास्त के बाद के एक-दो घंटों में या सूर्योदय से पहले दिखता है। दिन में आसमान बहुत चमकीला होता है, और आधी रात के आसपास स्टेशन अक्सर पृथ्वी की छाया में चला जाता है। इसी वजह से कुछ रातों में एक भी दिखने वाला पास नहीं होता, और यह पूरी तरह सामान्य है। विस्तार से: ISS क्यों दिखता है (अंग्रेज़ी)।
अपने शहर में सही समय कैसे पता करें?
- अपने शहर का पेज खोलें: भारतीय शहरों में ISS कब दिखेगा। हर पेज पर अगला दिखने वाला पास, अगले 48 घंटों के सभी पास और उनका समय स्थानीय घड़ी के अनुसार मिलता है।
- अगर आपका शहर सूची में नहीं है, तो लाइव पास खोजक (अंग्रेज़ी) में अपना स्थान डालें। वह आपके सटीक निर्देशांक के लिए गणना करता है।
- हर पास के लिए चार बातें देखें: कब शुरू होगा, कितनी देर दिखेगा, कितना ऊपर चढ़ेगा और किस दिशा में दिखेगा।
- बादलों का पूर्वानुमान ज़रूर देखें। साफ़ आसमान के बिना सबसे अच्छा पास भी नहीं दिखता।
आप चाहें तो लाइव ट्रैकर (अंग्रेज़ी) में पास से पहले नोटिफ़िकेशन भी चालू कर सकते हैं।
आसमान में ISS कैसा दिखता है?
- एक तेज़, चमकीला तारा जो झिलमिलाता नहीं, यानी लगातार एक-सा चमकता है।
- वह सीधी रेखा में, एक समान गति से चलता दिखता है, आमतौर पर पश्चिम की ओर से उगकर पूर्व की ओर जाता है।
- हवाई जहाज़ से फ़र्क़: जहाज़ की बत्तियाँ टिमटिमाती और रंग बदलती हैं, और उनकी आवाज़ आती है। ISS शांत और स्थिर चमकता है।
- एक पास आमतौर पर कुछ मिनट का होता है, अक्सर 2 से 6 मिनट, कभी-कभी 10 मिनट तक।
- कभी-कभी वह आसमान के बीच में अचानक गायब हो जाता है, क्योंकि वह पृथ्वी की छाया में चला गया।
ऊँचाई और दिशा कैसे समझें?
पास की जानकारी में ऊँचाई डिग्री में दी जाती है। क्षितिज 0° है और ठीक सिर के ऊपर का बिंदु 90°। एक आसान तरीक़ा: हाथ सीधा करके बंद मुट्ठी रखें, तो वह लगभग 10° की ऊँचाई के बराबर होती है। 30° से ऊपर चढ़ने वाले पास देखना सबसे आसान है, क्योंकि वे इमारतों और पेड़ों के ऊपर साफ़ दिखते हैं।
दिशा के लिए फ़ोन का कंपास इस्तेमाल करें। अगर लिखा है कि पास "पश्चिम" से शुरू होता है, तो पश्चिम की ओर मुँह करके खड़े हों और थोड़ा ऊपर देखें। आगे का रास्ता भी पास की जानकारी में बताया रहता है।
बेहतर देखने के छह सुझाव
- खुली जगह चुनें: छत, मैदान या पार्क, जहाँ इमारतें और पेड़ क्षितिज को न ढकें।
- पाँच-दस मिनट पहले बाहर आ जाएँ ताकि आँखें अँधेरे की आदी हो जाएँ।
- शुरुआती दिशा याद रखें और उसी ओर थोड़ा ऊपर देखें।
- तेज़ रोशनी से बचें: आसपास की लाइटें और फ़ोन की स्क्रीन आँखों को चौंधिया देती हैं।
- बादल और धुंध देखें: पूर्वानुमान में कम बादल वाले पास चुनें।
- ऊँचे पास को प्राथमिकता दें: जितना ऊपर चढ़े, उतना चमकीला और आसान।
भारत में कब देखना सबसे अच्छा है?
भारत में बादल सबसे बड़ी रुकावट हैं। जून से सितंबर तक मानसून में ज़्यादातर पास बादलों में खो जाते हैं। उत्तर भारत में नवंबर से जनवरी तक कोहरा और स्मॉग भी क्षितिज के पास के पास छिपा देता है। अक्टूबर से फरवरी के बीच के साफ़ दिन आमतौर पर सबसे अच्छे रहते हैं। दक्षिण-पूर्वी तट (जैसे चेन्नई) पर अक्टूबर से दिसंबर पूर्वोत्तर मानसून की बारिश का समय है, इसलिए वहाँ जनवरी से मार्च बेहतर रहता है।
हर शहर का अपना मौसम और अपनी जगहें होती हैं, इसलिए अपने शहर का पेज देखें: दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, कोलकाता, पुणे और कोच्चि।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या ISS नंगी आँखों से दिखता है?
हाँ। वह सूर्य और चंद्रमा के बाद आसमान की सबसे चमकीली चीज़ों में से एक है, इसलिए दूरबीन या बाइनोकुलर की ज़रूरत नहीं पड़ती।
ISS कितनी देर तक दिखता है?
आमतौर पर कुछ मिनट। एक पास अक्सर 2 से 6 मिनट का होता है, और सबसे ऊँचे पास कभी-कभी 10 मिनट तक चलते हैं।
क्या ISS रोज़ दिखता है?
नहीं। दिखने वाले पास कुछ दिनों के समूह में आते हैं, फिर कुछ दिन कोई साफ़ पास नहीं होता। यह स्टेशन के रास्ते और धूप के कोण पर निर्भर है।
अगर आसमान में बादल हों तो?
तब ISS नहीं दिखेगा। पास से पहले बादलों का पूर्वानुमान देखें, और अगर बादल हों तो अगले दिखने वाले पास का इंतज़ार करें।